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9.20 करोड़ किसानों को मिला किसान आईडी, अब योजनाओं का लाभ पाना होगा आसान

Amit Kumar AKS
By Amit Kumar AKS On March 30, 2026
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किसान आईडी क्या है, क्यों जरूरी है और इससे कैसे मिलेगा सरकारी योजनाओं का फायदा

भारत सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक (AgriStack) डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर योजना देश के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 19 मार्च 2026 तक देशभर में 9.20 करोड़ से अधिक किसान आईडी जारी की जा चुकी हैं। इनमें बिहार के 47.63 लाख किसान भी शामिल हैं। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने 24 मार्च को लोकसभा में साझा की।

सरकार का कहना है कि किसान आईडी सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि किसानों के लिए डिजिटल गेटवे है, जिसके माध्यम से वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे। खास बात यह है कि यह सुविधा केवल भूमिधारक किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महिला किसान, बटाईदार और पशुपालकों को भी शामिल किया गया है। 

किसान आईडी से मिले रहा है इन योजनाओं का लाभ

किसान आईडी के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) आधारित खरीद, कृषि ऋण और आपदा राहत जैसी योजनाओं को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों की पहचान आसान हो रही है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पैसा सीधे उनके बैंक खाते में पहुंच रहा है। 

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मछलीपालक, पशुपालक और महिला किसानों को भी मिलेगा लाभ

एग्रीस्टैक के तहत बनाई जा रही ‘राज्य किसान रजिस्ट्री’ को समावेशी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें भूमिधारक किसानों के साथ-साथ महिला किसानों को भी पहचान दी जा रही है। इसके अलावा, पशुपालक, मत्स्यपालक, किरायेदार और बटाईदार किसान भी इस डिजिटल सिस्टम का हिस्सा बन सकेंगे। इससे पहले ये वर्ग कई योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते थे। 

किसान आईडी से भुगतान हुआ आसान

किसान आईडी के प्रभाव का उदाहरण महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में देखने को मिला है। महाराष्ट्र में खरीफ 2025 के दौरान फसल नुकसान की राहत राशि बांटने में एग्रीस्टैक ने अहम भूमिका निभाई। यहां करीब 89 लाख किसानों को सिर्फ 5 दिनों के भीतर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई। वहीं, छत्तीसगढ़ में MSP आधारित धान खरीद के लिए किसान आईडी और डिजिटल फसल सर्वेक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे 32 लाख किसानों के पंजीकरण और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है और बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक खत्म हुई है। 

वंचित किसान को भी मिले योजना का लाभ

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि डिजिटल सुविधा से वंचित किसान भी इस सरकारी योजना का लाभ ले सकें। जिन किसानों के पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे किसान उत्पादक संगठन (FPO), कृषि सखी और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके अलावा, कई राज्यों में गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों को एग्रीस्टैक से जोड़ा जा रहा है। 

किसान आईडी से तेजी से मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि किसान आईडी के जरिए सरकार एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है, जिससे योजनाओं का लाभ तेजी से, पारदर्शी तरीके से और बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसानों तक पहुंचेगा। यह पहल न केवल कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाएगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

किसान आईडी के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और जवाब (FAQ)

प्रश्न 1. किसान आईडी क्या है?

उत्तर: किसान आईडी एक डिजिटल पहचान है, जो एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों को दी जाती है, जिससे वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकें।

प्रश्न 2. किसान आईडी का क्या फायदा है?

उत्तर: इसके जरिए किसानों को PM-KISAN, फसल बीमा, MSP खरीद, कृषि ऋण और आपदा राहत जैसी योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलता है।

प्रश्न 3. क्या किसान आईडी केवल जमीन मालिक किसानों के लिए है?

उत्तर: नहीं, इसमें महिला किसान, बटाईदार, किरायेदार, पशुपालक और मत्स्यपालक भी शामिल हैं।

प्रश्न 4. किसान आईडी से पैसा कैसे मिलेगा?

उत्तर: किसान आईडी के जरिए DBT प्रणाली लागू होती है, जिससे योजना का पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर होता है।

प्रश्न 5. किसान आईडी कैसे बनवाएं?

उत्तर: किसान FPO, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), कृषि सखी या राज्य सरकार द्वारा लगाए गए शिविरों के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।

प्रश्न 6. क्या बिना मोबाइल या इंटरनेट के किसान आईडी बन सकती है?

उत्तर: हाँ, जिन किसानों के पास मोबाइल या इंटरनेट नहीं है, वे CSC या अन्य सरकारी केंद्रों की मदद से किसान आईडी बनवा सकते हैं।

प्रश्न 7. किन राज्यों में किसान आईडी का ज्यादा फायदा दिखा है?

उत्तर: महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में किसान आईडी के जरिए DBT और MSP भुगतान प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता देखी गई है।

प्रश्न 8. किसान आईडी क्यों जरूरी है?

उत्तर: यह किसानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ती है, जिससे योजनाओं का लाभ तेजी, पारदर्शिता और बिना बिचौलियों के सीधे मिलता है।

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Amit Kumar AKS is the Founder of CareerScheme.in. He manages the website and ensures accurate updates on government jobs, results, admit cards, scholarships, and welfare schemes for students and job seekers.

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